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✍️ Digital Media Reporter / Writer Admin📍 Patna, Bihar
बिहार में 1600 KYP सेंटर्स पर ताला लगने की नौबत: 10 हजार से अधिक ट्रेनर बेरोजगार, नियोजन भवन और BJP कार्यालय पर प्रदर्शन
20 Aug 2026, 05:45 PM- बिहार राज्य सरकार के 'सात निश्चय योजना 2.0 ' के तहत युवाओं को कंप्यूटर व डिजिटल साक्षरता देने वाले कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल गहरा गए हैं। राज्य भर में संचालित लगभग 1,600 स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स (SDC/BSDC) के नवीनीकरण की प्रक्रिया पिछले 6 छः महीनों से रुकी हुई है, जिसके कारण कई सेंटर बंद कर चुके है और अधिकांश केंद्रों में ताला लटकने की स्थिति बन गई है। लाखों की लागत से खरीदे गए कंप्यूटर व तकनीकी सिस्टम्स केंद्रों पर धूल फांक रहे हैं।
इस स्थिति से नाराज राज्य भर के सैकड़ों केंद्र संचालकों और समन्वयकों ने राजधानी पटना में बिहार कौशल विकास मिशन (BSDM), नियोजन भवन और प्रदेश भाजपा कार्यालय का घेराव कर अपनी आवाज बुलंद की।
10 हजार से अधिक ट्रेनर्स (LF) के रोजगार पर सीधा संकट
केंद्र संचालकों के अनुसार, इस गतिरोध का सबसे गंभीर असर केंद्रों पर कार्यरत 10,000 से अधिक 'लर्निंग फैसिलिटेटर्स' (ट्रेनर्स) और अन्य कर्मियों पर पड़ा है। पिछले कई महीनों से कक्षाएं बंद रहने के कारण ये कुशल युवा कार्यक्रम के ट्रेनर बेरोजगार हो चुके है। स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन के उद्देश्य से शुरू की गई यह व्यवस्था अब खुद रोजगार संकट से जूझ रही है।
हजारों नामांकित छात्रों का भविष्य अन्धकार में
संचालकों का कहना है कि चालू सत्र 2025-2026 के दौरान लगभग हर केंद्र पर औसतन 300 से 400 छात्र-छात्राओं का नामांकन लिया जा चुका है। लेकिन पोर्टल सक्रिय न होने और नवीनीकरण की अनुमति न मिलने के कारण पिछले छह महीनों से बैच शुरू नहीं हो पाए हैं। इसके चलते ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के छात्र - छात्रा लगातार केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
नए टेंडर की आशंका और स्थानीय हितधारकों की चिंता
प्रदर्शन कर रहे संचालकों ने विभागीय अधिकारियों और प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखते हुए कहा कि वर्ष 2016 से स्थानीय उद्यमियों और शिक्षित युवाओं ने अपनी पूंजी और मेहनत लगाकर इस कार्यक्रम को धरातल पर लाया है। सूत्रों के हवाले से चर्चा है कि विभाग पुराने संचालकों की जगह नए सिरे से टेंडर लाने पर विचार कर रहा है। संचालकों का तर्क है कि बाहरी या बड़े टेंडर आने से बिहार के स्थानीय युवा उद्यमियों और वर्षों से प्रशिक्षित स्टाफ का निवेश और मेहनत पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी।
संवाद की कोशिश और अनिश्चितकालीन धरने का अल्टीमेटम
नियोजन भवन और भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान प्रतिनिधियों ने विभागीय मंत्री और उच्चाधिकारियों से मिलकर अपनी समस्याएं रखने का प्रयास किया। संचालकों का कहना है कि पर्याप्त संवाद और ठोस आश्वासन न मिलने से उनमें निराशा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार और विभाग ने जल्द ही मौजूदा केंद्रों के नवीनीकरण की प्रक्रिया को शुरू कर पोर्टल चालू नहीं किया, तो राज्य के सभी संचालक, ट्रेनर्स और छात्र मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से अनिश्चितकालीन धरने और आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।